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माँ और मेरा जालिम नौकर
प्रेषक : मनीष …

मेरे प्यारे दोस्तों को मेरा नमस्कार। दोस्तों मेरा नाम मनीष है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैंने 12th अभी पास किया है। दोस्तों आज में आप सभी को कामुकता डॉट कॉम पर जो कहानी बताने जा रहा हूँ वो मेरे साथ लगभग दो महीने पहले घटी थी। उस घटना के बाद मेरा अपनी माँ को देखने का नजरिया बिल्कुल ही बदल चुका था और में अब उन्हें बहुत गंदी नजरों से देखने लगा था। तो दोस्तों अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों जब मेरे पापा की म्रत्यु हुई थी तो में करीब पांच साल का था और में अपने माँ, बाप की पहली और आखरी औलाद हूँ इसलिए मेरी माँ मुझसे कुछ ज्यादा ही प्यार भी करती है। मेरे घर पर में और मेरी माँ जिनका नाम संगीता है, हम दोनों रहते है। दोस्तों अपनी आज की कहानी शुरू करने से पहले में आप सभी से अपनी माँ का परिचय करवा देता हूँ। मेरी माँ का रंग एकदम गोरा है और वो दिखने में वो मस्त है। उनके वो बड़े बड़े बूब्स जिनको देखकर हर कोई उनका दीवाना हो जाता है और जब वो चलती है तो उनके बूब्स आपसे में ही टकराते है और उनकी वो बड़ी सी गांड को देखकर किसी का भी दिल मेरी माँ को चोदने का हो जाएगा क्योंकि वो है ही इतनी सुंदर और बहुत सेक्सी और उनकी इतनी उम्र होने के बाद भी वो चेहरे से बिल्कुल कुंवारी लगती है। दोस्तों मेरी माँ हमेशा छोटे कपड़े ही पहना करती है और जिसकी वजह से मेरा 7 इंच का काला लंड खड़ा हो जाता है और में अपनी माँ के फिगर को सोच सोचकर मुठ मारता रहता हूँ। दोस्तों में अब उनके फिगर का एकदम दीवाना हो चुका हूँ और अब में उन्हे चोदने के लिए हमेशा सोचता रहता हूँ।

दोस्तों यह घटना अभी कुछ दिनों पहले की है। में एक दिन पेशाब करने के लिए बाथरूम की तरफ जा ही रहा था कि मुझे अपनी माँ के रूम से हमारा नौकर बाहर निकलता हुआ दिखाए दिया। मैंने मन ही मन सोचा कि मेरी माँ और उस नौकर के बीच कुछ तो चल रहा है और तभी से मैंने उन दोनों पर अपनी नजर रखना शुरू कर दिया और फिर मैंने गौर किया कि जब वो मेरी माँ की तरफ देखता तो मेरी माँ उसे देखकर एक अजीब सी स्माइल देकर हँसने लगती थी। में तभी से जान गया कि मेरी माँ एक नंबर की रंडी है और अब मैंने सोचा कि में इसका रंडीपन अपनी आँखो से जरुर देखूँगा। फिर मैंने देखा कि रात को जैसे ही हमारा नौकर मेरी माँ के रूम की तरफ बढ़ा। में भी उसके पीछे पीछे चल दिया और मैंने दरवाजे के उस एक छोटे से होल से मेरी माँ के सारे अच्छे बुरे कारनामे देख लिए। मैंने देखा कि सबसे पहले उसने मेरी सोती हुए माँ को देखकर अपने लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगा और अब वो मेरी माँ के बूब्स को दबाने, मसलने लगा। उसके बाद जब माँ जाग गई तो उसने माँ को हाथ पकड़ कर उठाया और अब वो उनके सारे कपड़े खोलने लगा। यह सब देखकर में और भी ज़्यादा गरम होने लगा था। वो अब मेरी माँ की नाईटी उतारने लगा था। तभी उसके नाईटी को उतारते ही मैंने देखा कि मेरी माँ ने उसके अंदर कुछ भी नहीं पहना है और एकदम से माँ को पूरी तरह से नंगी देखकर मेरा लंड ऐसे तनकर खड़ा हुआ जैसा पहले कभी भी नहीं हुआ था। फिर उसने माँ को बेड पर धक्का दे दिया और अब वो एक भूखे शेर की तरह मेरी माँ की चूत के रस को पीने लगा और माँ के बूब्स को दबाने लगा। माँ तो जैसे अब कहीं आसमान में पंख लगाकर उड़ रही थी और माँ अब नौकर के बालों को पकड़कर अपनी चूत में धक्का दे रही थी और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भर रही थी आह्ह्ह्हह्ह ऊुउउईईई उफ्फ्फ्फफ मैंने भी अब अपना लंड हाथ में पकड़कर सहलाना शुरू कर दिया। फिर मेरी माँ की चूत को अच्छी तरह से चाटने के बाद उसने अपना लंड माँ के दोनों बूब्स के बीच में रख दिया और दोनों बूब्स के बीच से माँ को चोदने लगा। माँ भी अब अपने दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों से पकड़कर उसके लंड पर दबा रही थी और अब हमारे नौकर ने उनके मुहं को खोलने का इशारा किया और फिर उसने अपना लंड मेरी माँ के मुहं में डाल दिया। माँ उसका वो पूरा का पूरा लंड अपने मुहं में लेकर उसे किसी छोटे बच्चे की तरह चूसने लगी। बहुत देर तक लंड चूसने के बाद माँ ने उसे इशारा किया कि वो अब अपना लंड उनकी चूत में डाल दे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।


अब नौकर ने जैसे ही मेरी माँ के मुहं से अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने देखा कि माँ ने उसके लंड पर ढेर सारा अपना सलाईवा डाल दिया। जिससे उसका लंड अब बहुत चमक मार रहा था और वो अब बहुत अच्छी तरह से गीला भी हो चुका था। फिर उसने माँ को उठाकर सीधा लेटा दिया और उनकी चूत को अपने थूक से पूरी तरह से गीला कर दिया। उसके बाद उसने अपना लंड पकड़कर माँ की चूत के चारों तरफ घुमाने लगा और माँ सिसकियाँ भर रही थी आआहह उह्ह्हह्ह्ह्ह और कह रही थी कि राजा अब जल्दी से डाल दो अपना 8 इंच का लंड, अब मुझसे ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं हो रहा है। फिर मेरे नौकर ने उन्ह एक थप्पड़ मारते हुए बोला कि चुप साली रंडी नहीं तो में आज मेरी चूत भी फाड़ दूँगा।

माँ : हाँ तो फाड़ दे ना बहन के लोड़े, तुझे किसने मना किया है, तू आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे।

दोस्तों मेरी माँ के मुहं से गाली सुनकर मेरा लंड अब और भी ज़ोर से फनफनाने लगा। फिर मैंने देखा कि मेरे नौकर ने अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ा और धीरे से माँ की चूत के मुहं पर लाकर एक जोरदार झटका मारा और अब उसका पूरा का पूरा लंड माँ की चूत की गहराईयों में एक ही बार में चला गया। मेरी माँ धीरे से सिसकियाँ लेने लगी। शायद उन्हे मेरे नौकर से चुदवाते हुए उनकी चूत बहुत खुल गई थी और अब मेरा नौकर लगातार धक्के पे धक्के मारे जा रहा था आआहहहाा आआईईईईइ और अब माँ अपनी चुदाई के बहुत मज़े ले लेकर सिसकियाँ मारे जा रही थी और अब मेरे नौकर ने भी अपनी चुदाई की स्पीड को बढ़ा दिया था और फिर उस पूरे रूम में धक्को की आवाज़ आ रही थी। अब मेरा भी कंट्रोल खत्म हो गया और में भी अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और थोड़ी देर में मेरे लंड से गाढ़ा गाढ़ा चिपचिपा ऐसा पदार्थ निकला जैसा पहले कभी नहीं निकला था। मुझे उस समय इतना मज़ा आया और फिर मैंने देखा कि मेरी माँ और मेरा नौकर अब दोनों बिल्कुल शांत पड़े हुए थे और फिर कुछ देर बाद मेरा नौकर उठा और अपने कपड़े पहनने लगा। में जल्दी से वहाँ से भाग गया और अब में अपने रूम में आकर अपनी माँ के रंडीपन को सोचने लगा। वो सब सोचते सोचते मेरा लंड एक बार फिर से अपनी औकात में आकर तनकर खड़ा हो गया और में फिर से एक बार मुठ मारने लगा। दोस्तों मैंने उस रात को चार बार मुठ मारी और उसी रात को मैंने यह सोच लिया था कि कैसे भी करके में अपनी माँ को एक दिन चोदकर ही रहूँगा और अब में उनकी चुदाई का प्लान बनाने लगा और एक अच्छे से मौके की तलाश में रहने लगा। दोस्तों यह थी मेरे नौकर और मेरी माँ की चुदाई की कहानी जिसने मेरे जीवन में एकदम से उथल पुथल मचा दी थी और मुझे अपनी माँ की चुदाई करने पर मजबूर किया और मेरी सोच को उनके लिए अचानक से एक ही रात में बिल्कुल बदलकर रख दिया। अब में सोते जागते हमेशा बस अपनी माँ की चुदाई के सपने देखने लगा और उनको गंदी नजरों से देखने लगा ।।

धन्यवाद …


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